Thursday, 2 July 2015

Why it is important to forgive others?

 

 

 

 

During the course of lives many of you make lots of mistakes, so it is important to forgive one another. One should become helpful, understanding and compassionate. You should forgive others unconditionally. Forgiveness is positive and loving thing that you can do with others and for yourself. It breaks the chain of negativity between persons and if you do not forgive it builds negative wall of energy. Lack of forgiveness creates grief, anger and despair. So you should learn to forgive others as it helps to repair damage relationship and doesn’t compel to reconcile with the person who has harmed you. By forgiving the person it gives you peace of mind and frees you from corrosive anger.

It is mainly for your benefit:

Forgiveness empowers you and helps you to recognize the pain you had suffered and enable you to heal and move on with your life. It has enormous personal benefit as it makes you happier; it improves your overall health. When you dwell on grudges your blood pressure increases, stress rate increase and damage your body.

Forgiveness sustains your relationship and boosts kindness and connectedness. So forgiveness is important. Un-forgiveness stands in between god and you. If anyone harbors un-forgiveness than you will be holding only bitterness, sin and opening door to the enemy to get into your life. Forgiveness is only to benefit you and allow you to put your burden down. By choosing not to forgive others you get struck in your own past and it prevents you to move forward and you waste your years of lives in resentment and anger rather than you could have lived those years in joy.

Empower yourself with the power of forgiveness:

So learning to forgive is better not only for physical well being but for your mental, spiritual and emotional well being also. It helps you to assuage your pain and let you go off with the suffering you were experiencing. It is actually your own thought that keeps the hurt and anger alive in you. Forgiving others helps in the reduction of stress, headache, depression, increases your self confidence, reduction in long term anger and being unforgiving creates unhealthy stress.

Positive effects of forgiveness:

Positive attitude help you to cope more easily with your affairs and bring constructive changes in your life and gives you strength not to give up but can encounter obstacles on your way. It leads toward happiness and attain success.

Conclusion:

With positive frame of mind, approach and outlook, any person can simply change the way he looks at earning money and become a wealthy, successful person.

 

Wednesday, 1 July 2015

असफलता मे सफलता का महत्त्व









मस्तिष्क मे “असफलता” शब्द आते ही हमारे मन दु:खी ,उदासी अथवा अधिरता का भाव पैदा करता है I असफलता शब्द हमे निरूत्साहित कर देता है, ठीक उसके विपरीत “सफ़लता” शब्द रोमांच, उत्साह या खुशी का भाव पैदा करता हैं I
किसी भी कार्य को करने पर यदि असफलता मिलती हैं तो हम अपना धैर्य खो देते हैं I अपने आपको अकेला या कमज़ोर  समझने लगते हैं I परंतु ये सब हमे कमज़ोर बना देता हैं I हमे असफलता प्राप्त होंने पर निराश नही होना चाहिए अपितु अपने लक्ष्य की ओर पुन: दृढ़ विश्वास के साथ जुट जाना चाहिए I अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की ललक हमारे अंदर हमेशा रहनी चाहिए, क्योंकि जब ह्मारे अंदर लक्ष्य प्राप्ति का जुनून होगा तो हमरी असफलता ही हमरी सफलता की ओर ले जाती हैं I जब किसी कार्य  को करने मे हम असफल होते हैं, तदुपरांत अपने लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु हमारा संकल्प और दृढ़ हो जाता हैं I
हम पुन: नये उत्साह तथा परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो जाते हैं I इस पुन: प्रयास मे ह्मारे द्वारा किया गया पहला असफल प्रयास विफल नहीं होता अपितु पहले किया गया प्रयास पुन: किए जाने वाले प्रयास मे जुड़ जाता हैं I
उदाहरण के लिए यदि किसी ठोस वस्तु को तोड़ने के लिए प्रयास करते हैं तथा अपनी पूरी ताक़त से उस वस्तु पर प्रहार करते हैं I फिर भी वह वस्तु टूटती नही हैं और हम उस वस्तु को तोड़ने मे असफ़ल हो जाते हैं I इसका तात्पर्य यह बिलकुल नही हैं कि हमने प्रयास नही किया I उस वस्तु को तोड़ने मे हम पुन: प्रयास करते हैं और अधिक ऊर्जा के साथ उस वस्तु पर प्रहार करते हैं ओर तब तक प्रहार करते हैं जब तक कि वह वस्तु टूट नही जाती I
अत: स्पष्ट हैं की हमरे द्वारा किया गया हर प्रयास उस वस्तु के टूटने से पहले असफल रहा I परन्तु आंतरिक रूप से हमारा वह असफल प्रयास ही वस्तु को तोड़ने मे हमारी ताक़त बन गया I
ठीक इसी प्रकार जब हमारा लक्ष्य केंद्रित होगा तो हमे सफलता अवश्य मिलेगी क्योकि असफलता मे ही सफलता का रहस्य छिपा होता हैं I जब हम असफल होते हैं तो हम स्वनिरीक्षण करके अपने द्वारा किए गये कार्य की ग़लतियों को ढूढ़ने का प्रयास करते है, ताकि उन ग़लतियों को हम दूर करके पुन: प्रयास कर सके तथा नयी योजना के साथ उस लक्ष्य तक पहुचने का कठिन परिश्रम करते हैं I अत: असफलता ही हमे सफलता की ओर अग्रसित करती हैं I इसलिए हमे असफलता प्राप्त होने पर अपना विश्वास बनाए रखना चाहिए अपितु नये जोश ,मेहनत और नयी योजना के साथ सफलता की ओर अग्रसर होना चाहिए I सफलता अवश्य कदम चूमेगी I

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